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21 September Class 11th Hindi Quarterly Exam 2026 Answer Key: बिहार बोर्ड 11वीं हिन्दी 21 सितम्बर त्रैमासिक परीक्षा का आंसर की, यहाँ से प्राप्त करें।

21 September Class 11th Hindi Quarterly Exam 2026 Answer Key: बिहार बोर्ड 11वीं हिन्दी 21 सितम्बर त्रैमासिक परीक्षा का आंसर की, यहाँ से प्राप्त करें।

नमस्कार दोस्तों 11th क्लास के विद्यार्थियों का 21 सितंबर के दिन द्वितीय पाली में हिंदी का पेपर आयोजित होने वाला है और सभी विद्यार्थियों का हिंदी का ही पेपर है और इस पेपर के साथ आप लोगों की परीक्षा भी समाप्त हो जाएगी तो आप लोगों का लास्ट पेपर है इसलिए पेपर को अच्छे से दीजिएगा बाकी आप लोग का पेपर अच्छा गया है इसलिए मैं चाहता हूं की लास्ट पेपर भी अच्छा चल जाए तो इसके लिए हमने आपको पूरा बताऊंगा कि कैसे आपको पेपर देना है किन-किन चैप्टर से प्रश्न पूछे जाएंगे हम इसका आंसर की आपको कैसे प्राप्त करना है पूरी जानकारी हम आपके साथ शेयर करेंगे आप हमारे साथ आर्टिकल में अंत तक बने रहिएगा

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जो भी विद्यार्थी अब तक व्हाट्सएप चैनल को फॉलो नहीं किया है आप अभी जाकर फॉलो कर लीजिए क्योंकि हिंदी का जो वायरल क्वेश्चन पेपर है उसका आंसर की सबसे पहले व्हाट्सएप चैनल में ही दिया जाता है तो आपको व्हाट्सएप चैनल को जरूर से फॉलो कर लेना चाहिए ऊपर लिंक दिया गया आप लिंक पर क्लिक करिए और अभी हमारे व्हाट्सएप चैनल को ज्वाइन करिए ताकि आपको जो भी अपडेट हो सबसे पहले मिल सके और बिहार बोर्ड से जुड़ा अपडेट भी हम व्हाट्सएप चैनल में सबसे पहले भेज देते हैं तो आपको जरूर से ज्वाइन कर लेना चाहिए दिए गए लिंक पर क्लिक करके

21 September 11th Hindi Subjective Question

  1. प्रेमचंद ने सरकारी नौकरी क्यों छोड़ी?

उत्तर: महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन से प्रभावित होकर प्रेमचंद ने सरकारी नौकरी छोड़ दी। वे देश की स्वतंत्रता के आंदोलन में योगदान देना चाहते थे।

  1. हल्कू खेत पर कहाँ और कैसे रात बिता रहा था?

उत्तर: हल्कू अपने खेत की रखवाली के लिए खेत में रात बिता रहा था। वह एक चादर ओढ़कर पेड़ के नीचे लेटा था और उसके साथ उसका कुत्ता जबरा भी था।

  1. उपमा किसे कहते हैं?

उत्तर: दो भिन्न वस्तुओं में समानता या सादृश्य स्थापित करना उपमा कहलाता है। जैसे—“मुख चाँद के समान सुंदर है।”

  1. कविता के क्या उद्देश्य हैं?

उत्तर: कविता का उद्देश्य पाठक के हृदय पर प्रभाव डालना तथा उसमें प्रेम, दया, करुणा, आनंद, आश्चर्य आदि मानवीय भावों को उत्पन्न करना है।

  1. पूरी खेती साफ हो जाने पर भी हल्कू खुश क्यों है?

उत्तर: पूरी खेती नष्ट हो जाने पर हल्कू इसलिए खुश था क्योंकि अब उसे कड़ाके की ठंड में खेत की रखवाली करने के लिए रात-रात भर जागना नहीं पड़ेगा।

  1. जबरा कौन है और वह किस शीर्षक पाठ से संबंधित है?

उत्तर: जबरा हल्कू का कुत्ता है। वह ‘पूस की रात’ शीर्षक कहानी से संबंधित है।

  1. रानी लक्ष्मीबाई झाँसी से किस रंग के घोड़े पर सवार होकर निकली और वह घोड़ा कितने में खरीदा गया था?

उत्तर: रानी लक्ष्मीबाई सफेद रंग के घोड़े पर सवार होकर निकली थीं। वह घोड़ा ढाई हजार रुपये में खरीदा गया था।

  1. शहर की दीवार पर चढ़ने के लिए अंग्रेजों ने कौन-सी युक्ति सोची?

उत्तर: अंग्रेजों ने हजारों मजदूरों से घास के गट्ठर मँगवाए। उन गट्ठरों को एक-दूसरे के ऊपर रखकर सीढ़ी बनाई और उसी के सहारे शहर की दीवार पर चढ़ गए।

  1. विद्यापति पदावली’ का संपादन किसने किया है?

उत्तर: रामवृक्ष बेनीपुरी ने ‘विद्यापति पदावली’ का संपादन किया है।

  1. विद्यापति का जन्म कहाँ हुआ था?

उत्तर: विद्यापति का जन्म बिसपी (बिस्फी) गाँव, दरभंगा, बिहार में हुआ था।

  1. स्वामी रामानंद कौन थे?

उत्तर: स्वामी रामानंद भक्तिकाल के प्रसिद्ध संत और धर्मगुरु थे। वे कबीर के गुरु माने जाते हैं।

  1. राधा की साड़ी मलिन हो गई है। ऐसी स्थिति कैसे उत्पन्न हो गई?

उत्तर: कृष्ण के विरह में राधा अपनी सुध-बुध खो बैठी थीं। कृष्ण के आने की प्रतीक्षा में उन्होंने वस्त्र बदलने और अपने शरीर की देखभाल पर ध्यान नहीं दिया, इसलिए उनकी साड़ी मलिन हो गई।

  1. कबीर का स्मरण किन रूपों में किया जाता है?

उत्तर: कबीर का स्मरण संत, समाज-सुधारक, निर्गुण भक्त और महान कवि के रूप में किया जाता है।

  1. मीरा की तुलना किन कवयित्रियों से की जाती है?

उत्तर: मीरा की तुलना तमिल की वैष्णव भक्त कवयित्री गोदा (आंडाल) और कश्मीरी शिवभक्त कवयित्री ललद्यद से की जाती है।

  1. मीरा ने कृष्ण के लिए कौन-कौन सी उपमाएँ दी हैं?

उत्तर: मीरा ने कृष्ण को तरुवर, सरवर, गिरिवर, चंदा, मोती और सोना के समान माना है। स्वयं को उन्होंने क्रमशः पक्षी, मछली, चारा, चकोर, धागा और सोहागा के रूप में प्रस्तुत किया है।

  1. राणा विक्रम सिंह कौन थे और उनके लिए क्या असह्य था?

उत्तर: राणा विक्रम सिंह मेवाड़ के शासक थे और मीरा के देवर थे। मीरा का कृष्ण के प्रति अनन्य प्रेम और साधु-संतों के साथ उनका सत्संग राणा विक्रम सिंह के लिए असह्य था।

  1. निरनुनासिक किसे कहते हैं?

उत्तर: जिन वर्णों के उच्चारण में वायु केवल मुख से निकलती है, नाक से नहीं, उन्हें निरनुनासिक वर्ण कहते हैं।

  1. शब्द को परिभाषित करें।

उत्तर: वर्णों के सार्थक समूह को शब्द कहते हैं। जैसे—घर, विद्यालय, पुस्तक आदि।

  1. प्रविशेषण को परिभाषित करें।

उत्तर: जो शब्द किसी विशेषण की विशेषता बताता है, उसे प्रविशेषण कहते हैं। जैसे—बहुत सुंदर में ‘बहुत’ प्रविशेषण है।

  1. निम्नलिखित शब्दों के अर्थ लिखें—भूषण, खैरात, दीर्घ, रमणीय।

उत्तर:

भूषण — आभूषण

खैरात — दान

दीर्घ — लंबा

रमणीय — सुंदर/मनमोहक

प्रश्न 21 (a). निबंध: दहेज प्रथा

भूमिका:

दहेज प्रथा भारतीय समाज में व्याप्त एक गंभीर सामाजिक कुरीति और अभिशाप है। कन्या के विवाह के समय उसके माता-पिता द्वारा वर पक्ष को दिए जाने वाले धन, उपहार व सामग्री को ‘दहेज’ कहा जाता है। प्राचीन काल में यह स्वेच्छा से दी जाने वाली भेंट थी, जो आज एक अनिवार्य मांग और व्यापार का रूप ले चुकी है।

दुष्परिणाम:

कन्या भ्रूण हत्या व विषमता: दहेज के भय से लोग बेटियों के जन्म को बोझ समझने लगे हैं, जिससे समाज में लिंगानुपात बिगड़ रहा है।

मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न: पर्याप्त दहेज न मिलने पर नववधुओं को प्रताड़ित किया जाता है और कई बार उन्हें आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ता है या मार दिया जाता है।

आर्थिक तंगी: गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार बेटी की शादी के लिए कर्ज के बोझ तले दब जाते हैं।

समाधान के उपाय:

युवाओं में यह सोच विकसित होनी चाहिए कि वे दहेज न लें और न दें।

महिलाओं को शिक्षित व आत्मनिर्भर बनाना सबसे आवश्यक कदम है।

दहेज प्रतिषेध कानून का कड़ाई से पालन होना चाहिए।

निष्कर्ष:

दहेज प्रथा समाज के विकास में सबसे बड़ी बाधा है। जब तक समाज का हर नागरिक और युवा इसके खिलाफ आवाज नहीं उठाएगा, तब तक इस कुप्रथा का अंत संभव नहीं है।

प्रश्न 22. मित्र के पिता के आकस्मिक निधन पर संवेदना-पत्र

परीक्षा भवन,

पटना।

दिनांक: 24 मार्च 2026

प्रिय मित्र (नाम),

सप्रेम नमस्कार।

कल शाम तुम्हारे पिता जी के आकस्मिक निधन का दुखद समाचार मिला। यह सुनकर मुझे अत्यंत आघात पहुँचा और मुझे इस बात पर सहसा विश्वास ही नहीं हुआ।

तुम्हारे पिता जी अत्यंत सरल, दयालु और सहृदय व्यक्ति थे। उनका स्नेह और मार्गदर्शन मुझे भी हमेशा मिलता रहा है। उनका इस तरह अचानक चले जाना हम सभी के लिए एक अपूरणीय क्षति है।

इस कठिन और दुखद घड़ी में मेरी गहरी संवेदनाएँ तुम्हारे और तुम्हारे परिवार के साथ हैं। ईश्वर से प्रार्थना है कि वे दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा तुम्हें एवं तुम्हारे परिवार को इस असह्य दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

यदि तुम्हें किसी भी प्रकार की आवश्यकता हो, तो मुझे बिना किसी संकोच के अवश्य बताना।

तुम्हारा अभिन्न मित्र,

क. ख. ग.

प्रश्न 26. कबीरदास जी का संदेश (हिंदू और तुर्क)

उत्तर:

कबीरदास जी आपस में लड़ते-मरते हिंदू और तुर्क (मुसलमान) को यह मर्म (गूढ़ रहस्य) समझाने की सलाह देते हैं कि ईश्वर (राम) और अल्लाह (रहमान) एक ही हैं।

वे कहते हैं कि बाह्य आडंबरों, धार्मिक कट्टरता, जाति-पाति और नाम के भेद के कारण आपस में लड़ना व्यर्थ है। दोनों ही धर्मों के लोग ईश्वर के सच्चे स्वरूप को न पहचानकर केवल नियम, धर्म-कर्मकाण्ड और अहं भाव में फँसे हुए हैं। कबीरदास जी सलाह देते हैं कि मनुष्य को धार्मिक कट्टरता छोड़कर प्रेम, दया, मानवता और आत्मज्ञान के मर्म को अपनाना चाहिए, क्योंकि सच्चा ईश्वर हर जीव के हृदय में निवास करता है।

प्रश्न 28. संक्षेपण

मूल गद्यांश:

आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए धन कमाना आवश्यक है परंतु धन के पीछे-पीछे दौड़ना पागलपन है। साधारणतया खाने-पीने, पहनने और दैनिक जीवन की आवश्यकताओं के लिए जो धन काम आता है वही सफल होता है। जरूरत से अधिक धन किसी काम का नहीं होता। लोभवश मनुष्य कभी भी इस रहस्य को समझ नहीं पाता और पूरा जीवन व्यर्थ कर देने के बाद सिर्फ पछताता ही रहता है। संतोष के साथ जीना ही परमसुख है।

शीर्षक: संतोष ही परम सुख / धन की सीमा

संक्षेपण:

जीवन की मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए धन कमाना जरूरी है, परंतु धन के पीछे भागना निरर्थक है। दैनिक जीवन में काम आने वाला धन ही सार्थक होता है; आवश्यकता से अधिक धन व्यर्थ है। लोभ में पड़कर मनुष्य जीवन बर्बाद कर देता है। अंततः, संतोषपूर्वक जीवन व्यतीत करना ही सच्चा सुख है।

इस परीक्षा में फेल होने पर क्या होगा? 

आप सबका पूछना है कि इस परीक्षा में फेल होने से क्या होगा परीक्षा समाप्त होने के बाद जब रिजल्ट आएगा तो अगर आप उसमें डिटेल हो जाते हैं तो क्या फाइनल परीक्षा दे पाएंगे तो मैं आपको बतला दूं कि आपको चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है यह एक टेस्ट परीक्षा है बिहार बोर्ड के तरफ से जांच किया जाता है कि पर विद्यार्थी की तैयारी कैसी है अगर कोई विद्यार्थी फेल भी हो जाता है तो उसकी चिंता करने की जरूरत नहीं है आप फाइनल परीक्षा बिल्कुल दे सकते हैं बस जचने के लिए यह परीक्षा आयोजित की जाती है 

21 September Class 11th Hindi Quarterly Exam 2026 Answer Key:- 

नमस्कार दोस्तों अगर आप भी हिंदी का आंसर की प्राप्त करना चाहते हैं तो हमने आपको लिया आंसर की तैयार कर लिया है क्योंकि आपको पता है कि हम जो आंसर की देते हैं उसमें से अधिकतम प्रश्न आपकी परीक्षा में पूछ दिए जाते हैं तो इसीलिए हम जो आंसर की तैयार किया है उसको आप सभी विद्यार्थियों को जरूर से कर लेना चाहिए क्योंकि उन सभी प्रश्नों को कर लेते हैं तो आप लोगों को परीक्षा देने में दिक्कत नहीं होगी तो अभी जाइए क्वेश्चन और आंसर डाउनलोड कर लीजिए रिवीजन कर लीजिए रिवीजन करने के बाद ही परीक्षा देने जाइए

Some important link:- 

21 September Class 11th Hindi Objective Answer KeyDownload
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