Bihar Board 10th hindi 17 february viral Subject Question 2026: 17 फरवरी 2026 हिंदी परीक्षा में 100% यहीं प्रश्न आएगा, जल्दी से याद कर लो:-
नमस्कार दोस्तों आज 17 फरवरी के दिन जितने भी विद्यार्थियों का प्रथम एवं द्वितीय पाली में हिंदी का पेपर आयोजित होने वाला है अभी कुछ ही समय बाद आप लोग परीक्षा हॉल में जाएंगे उसके पहले आपको बतला दे कि हमारे पास प्रथम पाली एवं द्वितीय पाली का वायरल क्वेश्चन पेपर आया है जिसका सब्जेक्टिव प्रश्न हम आपको बताने वाले हैं अगर इन सब्जेक्टिव प्रश्नों को आप याद कर लेते हैं तो इसमें से अधिकतम प्रश्न आपके बोर्ड परीक्षा में पूछे जाएंगे तो आप लोग आर्टिकल में बने रहिए और जो भी आपको सब्जेक्टिव प्रश्न देने वाले हैं आप सभी प्रश्न को याद कर लीजिए क्योंकि यही आपकी परीक्षा में पूछे जाएंगे
| Viral question paper |
1. विष के दाँत कहानी का नायक कौन है? तर्क पूर्ण उत्तर दें।
उत्तर- हमारी नजर में विष के दाँत कहानी का नायक मदन है। चुकि लेखक का कहना है कि जो बुराई का अंत करता है उसे ही नायक माना जाता है। मदन जब लहू नचा रहा था। उसी दौरान खोखा आकर कहता है की लट्टू हम भी खेलेंगे। जब उसे मदन के द्वारा मना कर दिया जाता है तो दो चार घुसा मदन को जमा देता है। उसके बाद मदन ने भी कासू के दो दॉत तोड़ डाले। मदन एक ईमानदार और स्वाभीमानी बालक था। अतः कहानी का नायक मदन ही होना चाहिए।
2. सेन साहब के परिवार में बच्चो के लालन पालन में किए जा रहे है लिंग आधारित भेद-भाव का अपने शब्दो में वर्णन करे ।
उत्तर – सेन साहब के परिवार में बच्चो के लालन पालन में जो लिंग आधारित भेद-भाव है वो सचमुच ही एक कठोर अन्याय है। सेन साहब अपने बेटियों को शिक्षा देना उचित नहीं समझते तथा बेटियों को खुलकर हँसने की भी इजाजत नहीं है। और बेटा में नटखटापन के रुप को इंजिनियरिंग का स्वरुप देखता है जो आधुनिक समाज के लिए उत्तम नहीं है।
3. मदन और कासू के बीच झगड़ें का कारण क्या था। इस प्रसंग के द्वारा नलिन विलोचन शर्मा क्या दिखाना चाहते है।
उत्तर – लेखक नलिन विलोचन शर्मा का कहना है कि मदन और कासू के बीच झगडे का मूल कारण लहू का खेल है। क्योंकि मदन को जब ड्राइवर के द्वारा गाड़ी नहीं छुने दिया गया तथा उसे धकेल दिया गया। इस बात को लेकर मदन ने भी काशु को लहू खेलाने से इंकार कर दिया जिससे कासू और मदन के बीच झगड़ा होने लगा।
इस प्रसंग के माध्यम से लेखक बताना चाहते है कि बालक नादान होता है वो अमीर और गरीब को नहीं देखता और वह अपमान सहन नहीं करता।
4. समस्त भूमंडल में सर्वविद सम्पदा और प्राकृतिक सौंदर्य से परिपुर्ण देश भारत है। मैक्समुलर ने ऐसा क्यों कहा है ?
उत्तर -समस्त भूमंडल में सर्वविद सम्पदा और प्राकृतिक सौंदर्य से परिपुर्ण देश भारत है, मैक्समुलर ने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि भारत ही एक मात्र ऐसा देश है, जहाँ जीवन की बड़ी से बड़ी समस्याओं के ऐसे सामाधान ढूंढ निकाले गये हैं जो विश्व के दार्शनिकों के लिए चिन्तन का विषय है। यहाँ जीवन को सुखद बनाने के लिए उपयुक्त ज्ञान एवं वातावरण आसानी से मिल जाता है जो पुरे पृथ्वी में कही नही मिलता। भारत एक ऐसा देश है जहाँ भू-तल पर ही स्वर्ग की छटा निखर रही है।
5. लेखक मैक्समुलर की दृष्टि में सच्चे भारत के दर्शन कहाँ हो सकते हैं और क्यों ?
उत्तर -लेखक मैक्समुलर की दृष्टि में सच्चे भारत के दर्शन भारत के गाँवों में हो सकते हैं। क्योंकि भारतीय ग्रामीण संस्कृति में सच्चा भारत निहित है। भारतीय ग्रामीण लोगों में सच्चाई, प्रेम, करूणा, सहयोग की भावना कूट-कूट कर भरा होता है। जबकी शहरों में ऐसा नही होता है, गाँवों के अपेक्षा शहर ज्यादा प्रदूषित होते है। और शहरों में लोग सिर्फ अपने से मतलब रखते है, शहरी लोगों में सहयोग की भावना नही होते है। अतः लेखक का कहना बिलकुल उचित है।
6. भारत को पहचान सकने वाली दृष्टि की आवश्यकता किनके लिए वांछनीय है और क्यों?
उत्तर -भारत को पहचान सकनेवाली दृष्टि की आवश्यकता यूरोपियन लोगों के लिए वांछनीय है, क्योंकि भारत ऐसी अनेक समस्याओं से भरपूर है जिनका समाधान होने पर यूरोपियन लोगों की अनेक समस्याओं का निदान संभव है। यहाँ जीवन की बड़ी से बड़ी समस्याओं के ऐसे सामाधान ढूंढ निकाले गये हैं जो विश्व के लोगों के लिए चिन्तन का विषय है।
7. ‘बेदातियों का भी वेदांती’ किसे कहा गया है और किसने कहा है?
उत्तर – वेदांतियों का भी वेदांती’ फ्रेड्रिक मैक्समूलर को कहा गया है। यह उपाधि उन्हें भारतीय दर्शन और वेदांत साहित्य के प्रति उनके गहन ज्ञान, आदर और पश्चिमी दुनिया में इसके प्रचार के लिए दी गई थी। यह उपाधि स्वामी विवेकानंद ने दी थी।
8. लेखक मैक्समुलर ने नीति-कथाओं के क्षेत्र में किस तरह भारतीय अवदान को रेखाकिंत किया है ?
उत्तर- लेखक मैक्समुलर ने बताया कि नीति-कथाओं के अध्ययन-क्षेत्र में भी भारत के कारण ही नवजीवन का संचार हुआ है। क्योंकि भारत के कारण ही समय-समय पर अनेक नीति कथाएँ पूर्व से पश्चिम की ओर जाती रही हैं। यहाँ बड़ी-बड़ी बातों को एक छोटे से कहावत के रूप में समेट दिया जाता है। जैसे- “शेर के खाल में गधा” की कहावत । अतः हमे यह बात कहने में जरा भी संकोच नही है की नीति-कथाओं के अध्ययन-क्षेत्र में भारत के कारण ही नवजीवन का संचार हुआ है।
9. धर्मो की दृष्टी से भारत का क्या महत्व है ?
उत्तर -भारत प्राचीन काल से ही धार्मिक विकास का केन्द्र रहा है। यहाँ धर्म के वास्तविक उद्भव, उसके प्राकृतिक विकास तथा उसके रूप का प्रत्यक्ष परिचय मिलता है। भारत वैदिक धर्म की भूमि है, बौद्ध धर्म की यह शरण-स्थली है। आज भी यहाँ नृत्य के नये मत मतान्तर प्रकट एवं विकसित होते रहते हैं। इस तरह से भारत धार्मिक क्षेत्र में भी विश्व को आलोकित करनेवाला एक महत्वपूर्ण देश है।
10. भारत किस तहर अतीत और सुदूर भविष्य को जोड़ता है ? स्पष्ट करें।
उत्तर -भारत अतीत और भविष्य को जोड़ता हैं। यहाँ मानवीय जीवन का प्राचीनतम ज्ञान विद्यमान है। यहाँ की भूमि प्राचीन इतिहास से जुड़ी रही है। यहाँ की संस्कृत भाषा के द्वारा विश्व को चिंतन का अवसर मिलता है जो अभी तक अज्ञात थी। आज की किसी भी समस्या से निपटने या किसी भी मसला को सिखने या सिखाने की बात क्यों न हो, भारत के रूप में ऐसी प्रयोगशाला मिलेगी जैसी विश्व में और कहीं नही मिल सकती । अतः भारत बीते हुए कल और आने वाले समय के लिए एक सेतु के रूप में मान्य है।
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