Bihar Scholarship 2026: बिहार में छात्रों की छात्रवृत्ति हुई दोगुनी, कक्षा 1 से 10 तक मिलेंगे ₹1200 से ₹3600, जानें नई राशि, पोशाक योजना और पूरी जानकारी
बिहार में स्कूली बच्चों को मिलेगी दोगुनी छात्रवृत्ति, जानिए किस कक्षा के छात्रों को कितनी राशि मिलेगी
पटना: बिहार सरकार ने सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री बालक/बालिका छात्रवृत्ति योजना के तहत छात्रवृत्ति राशि बढ़ाने का फैसला किया है। प्रस्तावित बदलाव के अनुसार शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा 1 से 10 तक के विद्यार्थियों को पहले की तुलना में लगभग दोगुनी छात्रवृत्ति दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को पढ़ाई जारी रखने में सहायता मिलेगी और विद्यालयों में नामांकन तथा उपस्थिति भी बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री बालक/बालिका छात्रवृत्ति योजना क्या है?
मुख्यमंत्री बालक/बालिका छात्रवृत्ति योजना बिहार सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है। इसकी शुरुआत वर्ष 2013 में की गई थी। इस योजना का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना तथा उन्हें स्कूल से जुड़ा रखना है।
सरकार का कहना है कि वर्तमान आर्थिक एवं सामाजिक परिस्थितियों को देखते हुए छात्रवृत्ति की राशि बढ़ाना आवश्यक हो गया था, ताकि विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को राहत मिल सके।
प्रस्तावित नई छात्रवृत्ति दर

प्राप्त जानकारी के अनुसार छात्रवृत्ति की नई वार्षिक दर इस प्रकार प्रस्तावित की गई है—
| कक्षा | वर्तमान वार्षिक राशि | प्रस्तावित नई राशि |
| 1 से 4 | ₹600 | ₹1200 |
| 5 से 6 | ₹1200 | ₹2400 |
| 7 से 8 | ₹1800 | ₹3600 |
| 9 से 10 | ₹1800 | ₹3600 |
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इस प्रस्ताव के लागू होने के बाद विद्यार्थियों को पहले की तुलना में दोगुनी आर्थिक सहायता मिलेगी।
अन्य योजनाओं की राशि में भी बढ़ोतरी
•साइकिल योजना की राशि में वृद्धि।
•पोशाक (यूनिफॉर्म) सहायता राशि में बढ़ोतरी।
•छात्राओं के लिए स्वच्छता संबंधी सहायता (जैसे सैनिटरी नैपकिन) की राशि बढ़ाने का प्रस्ताव।
सरकार ने यह फैसला क्यों लिया?
बढ़ती महंगाई और शिक्षा पर बढ़ते खर्च को देखते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया है। कई परिवार आर्थिक कठिनाइयों के कारण बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाने में परेशानी महसूस करते हैं। ऐसे में छात्रवृत्ति की बढ़ी हुई राशि विद्यार्थियों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है।
सरकार का मानना है कि इस कदम से—
•गरीब एवं मध्यम वर्ग के परिवारों को आर्थिक सहायता मिलेगी।
•बच्चों की पढ़ाई जारी रखने में मदद मिलेगी।
•सरकारी विद्यालयों में नामांकन बढ़ेगा।
•ड्रॉपआउट दर कम होगी।
•गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
किन विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ?
इस योजना का लाभ बिहार के सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा 1 से 10 तक के विद्यार्थियों को मिलेगा। योजना के पात्र विद्यार्थियों को निर्धारित नियमों के अनुसार छात्रवृत्ति राशि प्रदान की जाएगी।
विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए क्या होगा फायदा?
छात्रवृत्ति राशि बढ़ने से अभिभावकों पर शिक्षा का आर्थिक बोझ कुछ हद तक कम होगा। इससे बच्चे अपनी पढ़ाई पर अधिक ध्यान दे सकेंगे। साथ ही, यूनिफॉर्म, साइकिल और अन्य शैक्षणिक आवश्यकताओं को पूरा करने में भी सहायता मिलेगी।
महत्वपूर्ण बातें
•मुख्यमंत्री बालक/बालिका छात्रवृत्ति योजना की राशि बढ़ाने का प्रस्ताव।
•कक्षा 1 से 10 तक के विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ।
•छात्रवृत्ति की राशि लगभग दोगुनी होगी।
•साइकिल एवं पोशाक जैसी अन्य योजनाओं में भी बढ़ोतरी का उल्लेख।
•उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना है।
बिहार प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना (कक्षा 1 से 8): अब छात्रों को मिलेगी बढ़ी हुई छात्रवृत्ति राशि
बिहार सरकार के शिक्षा विभाग ने सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत छात्रवृत्ति राशि में बढ़ोतरी की है। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना, विद्यालयों में नामांकन बढ़ाना तथा पढ़ाई के दौरान आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। छात्रवृत्ति की राशि विद्यार्थियों के बैंक खाते में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से प्रत्येक वर्ष एकमुश्त भेजी जाएगी।
कक्षा के अनुसार छात्रवृत्ति राशि

नई व्यवस्था के अनुसार विद्यार्थियों को निम्नलिखित वार्षिक छात्रवृत्ति मिलेगी—
| कक्षा | वार्षिक छात्रवृत्ति |
| कक्षा 1 से 4 | ₹1,200 |
| कक्षा 5 से 6 | ₹2,400 |
| कक्षा 7 से 8 | ₹3,600 |
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योजना का उद्देश्य
इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है, ताकि कोई भी छात्र या छात्रा आर्थिक कठिनाइयों के कारण अपनी पढ़ाई बीच में न छोड़े। सरकार का लक्ष्य शिक्षा को बढ़ावा देना, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना तथा विद्यालय छोड़ने की दर को कम करना है।
योजना की प्रमुख विशेषताएँ
•कक्षा 1 से 8 तक के सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा।
•छात्रवृत्ति राशि डीबीटी (DBT) के माध्यम से सीधे बैंक खाते में भेजी जाएगी।
•राशि का भुगतान प्रत्येक वर्ष एकमुश्त किया जाएगा।
•योजना से गरीब एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को विशेष लाभ मिलेगा।
•छात्रवृत्ति का उपयोग विद्यार्थी किताबें, कॉपी, स्टेशनरी और अन्य शैक्षणिक आवश्यकताओं को पूरा करने में कर सकेंगे।
विद्यार्थियों को क्या लाभ होगा?
छात्रवृत्ति राशि बढ़ने से अभिभावकों पर आर्थिक बोझ कम होगा। इससे विद्यार्थियों को पढ़ाई जारी रखने में सहायता मिलेगी और सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता तथा नामांकन को भी बढ़ावा मिलेगा। सरकार का मानना है कि यह पहल बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
महत्वपूर्ण सूचना: योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए विद्यार्थियों का बैंक खाता, आधार एवं विद्यालय में नामांकन संबंधी विवरण सही होना आवश्यक है। योजना से जुड़ी नवीनतम जानकारी के लिए अपने विद्यालय या शिक्षा विभाग के आधिकारिक निर्देशों का पालन करें।
बिहार शताब्दी मुख्यमंत्री बालिका पोशाक योजना 2026: पात्रता, लाभ, राशि और पूरी जानकारी
बिहार सरकार द्वारा बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने और उन्हें विद्यालय से जोड़कर रखने के उद्देश्य से बिहार शताब्दी मुख्यमंत्री बालिका पोशाक योजना संचालित की जा रही है। इस योजना की शुरुआत वर्ष 2011-12 में की गई थी। योजना के तहत सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत छात्राओं को विद्यालयी पोशाक (यूनिफॉर्म) खरीदने के लिए आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खाते में उपलब्ध कराई जाती है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक तंगी के कारण कोई भी बालिका अपनी पढ़ाई बीच में न छोड़े। साथ ही विद्यालयों में बालिकाओं के नामांकन और नियमित उपस्थिति को भी बढ़ावा देना है।

योजना का उद्देश्य
बिहार शताब्दी मुख्यमंत्री बालिका पोशाक योजना का प्रमुख उद्देश्य राज्य की बालिकाओं को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करना तथा उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। सरकार का मानना है कि आर्थिक सहायता मिलने से छात्राओं के परिवारों पर विद्यालयी पोशाक का अतिरिक्त बोझ कम होगा और अधिक से अधिक बालिकाएँ नियमित रूप से विद्यालय जा सकेंगी।
योजना का लाभ किसे मिलेगा?
इस योजना का लाभ बिहार के सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा 9 से 12 तक की छात्राओं को दिया जाता है। पात्र छात्राओं को निर्धारित शर्तों के अनुसार पोशाक सहायता राशि उपलब्ध कराई जाती है।
कितनी मिलती है सहायता राशि?
वर्तमान जानकारी के अनुसार इस योजना के तहत पात्र छात्राओं को ₹1,500 प्रति वर्ष पोशाक सहायता राशि प्रदान की जाती है। यह राशि डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे छात्रा के बैंक खाते में भेजी जाती है।
योजना की प्रमुख विशेषताएँ
•योजना की शुरुआत वर्ष 2011-12 में की गई।
•लाभ केवल सरकारी विद्यालयों की पात्र छात्राओं को मिलता है।
•कक्षा 9 से 12 तक की छात्राएँ इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकती हैं।
•पोशाक सहायता राशि सीधे बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाती है।
•विद्यालय द्वारा छात्राओं की उपस्थिति एवं विवरण ई-शिक्षा पोर्टल पर दर्ज किए जाने के बाद भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाती है।
योजना से होने वाले लाभ
इस योजना के लागू होने के बाद राज्य में बालिकाओं के विद्यालयों में नामांकन और नियमित उपस्थिति में सकारात्मक सुधार देखने को मिला है। आर्थिक सहायता मिलने से छात्राओं को विद्यालयी पोशाक खरीदने में सुविधा होती है, जिससे वे बिना किसी आर्थिक बाधा के अपनी पढ़ाई जारी रख सकती हैं। यह योजना बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर और शिक्षित बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
आवेदन एवं भुगतान प्रक्रिया
योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए छात्रा का नाम संबंधित सरकारी विद्यालय में नामांकित होना चाहिए। विद्यालय द्वारा छात्रा की उपस्थिति और आवश्यक विवरण ई-शिक्षा पोर्टल पर दर्ज किए जाते हैं। सत्यापन के बाद पोशाक सहायता राशि डीबीटी (DBT) के माध्यम से सीधे छात्रा के बैंक खाते में हस्तांतरित कर दी जाती है।
मुख्यमंत्री बालक-बालिका साइकिल योजना 2026: कक्षा 9वीं के छात्रों को मिलेंगे ₹3000, जानें पूरी जानकारी
मुख्यमंत्री बालक/बालिका साइकिल योजना: बिहार सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा राज्य के छात्र-छात्राओं के लिए एक बेहद महत्वाकांक्षी योजना चलाई जा रही है, जिसका नाम है “मुख्यमंत्री बालक/बालिका साइकिल योजना”। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में शिक्षा के स्तर को सुधारना और गरीब व मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चों को स्कूल जाने में मदद करना है।
अगर आप भी बिहार के रहने वाले हैं और जानना चाहते हैं कि इस योजना का लाभ कैसे मिलता है, तो इस लेख को अंत तक जरूर पढ़ें।

योजना का मुख्य उद्देश्य
बिहार सरकार द्वारा इस योजना को शुरू करने के पीछे निम्नलिखित मुख्य उद्देश्य हैं:
1.बालिका शिक्षा को बढ़ावा: राज्य में लड़कियों की शिक्षा की स्थिति में सुधार करना और उन्हें पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करना।
2.ड्रॉपआउट रेट कम करना: कई बार स्कूल दूर होने के कारण बच्चे पढ़ाई छोड़ देते हैं, साइकिल मिलने से वे आसानी से स्कूल पहुँच सकेंगे।
3.समाज की मुख्यधारा में लाना: राज्य के छात्र-छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ना।
इस योजना के तहत मिलने वाला लाभ (Benefits)
4.साइकिल के लिए राशि: इस योजना के अंतर्गत पात्र छात्र और छात्राओं को साइकिल खरीदने के लिए ₹3,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है।
5.सीधे बैंक खाते में पैसा: यह राशि किसी बिचौलिए के बजाय सीधे लाभार्थी छात्र/छात्रा के बैंक खाते में डी.बी.टी. (Direct Benefit Transfer – DBT) के माध्यम से भेजी जाती है।
पात्रता और मानदंड (Eligibility Criteria)
मुख्यमंत्री बालक/बालिका साइकिल योजना का लाभ लेने के लिए छात्रों को निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना होगा:
1.स्थानीय निवासी: आवेदक छात्र या छात्रा बिहार का स्थायी निवासी होना चाहिए।
2.सरकारी स्कूल: छात्र/छात्रा का दाखिला बिहार के सरकारी स्कूल में होना अनिवार्य है।
3.कक्षा: यह लाभ केवल उन विद्यार्थियों को मिलता है जो वर्तमान में कक्षा 9वीं (Class 9th) में पढ़ाई कर रहे हैं।
4.उपस्थिति (Attendance): आमतौर पर इस योजना का लाभ उठाने के लिए स्कूल में छात्र की न्यूनतम उपस्थिति (जैसे 75%) होना आवश्यक होता है।
मुख्यमंत्री किशोरी स्वास्थ्य कार्यक्रम योजना 2026: सरकारी स्कूल की छात्राओं को मिलेंगे ₹300, जानें पूरी जानकारी
बिहार सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा राज्य की बेटियों के स्वास्थ्य और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए एक बेहद सराहनीय योजना चलाई जा रही है, जिसका नाम है “मुख्यमंत्री किशोरी स्वास्थ्य कार्यक्रम योजना”। इस योजना के तहत स्कूल जाने वाली छात्राओं को व्यक्तिगत स्वच्छता (Personal Hygiene) बनाए रखने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
यदि आप भी बिहार के रहने वाले हैं और जानना चाहते हैं कि इस योजना का लाभ किन छात्राओं को मिलता है और इसके लिए क्या शर्तें हैं, तो इस लेख को पूरा ज़रूर पढ़ें।
योजना का मुख्य उद्देश्य
बिहार सरकार द्वारा इस योजना को शुरू करने के पीछे निम्नलिखित मुख्य उद्देश्य हैं:
1.स्वास्थ्य के प्रति सजगता: राज्य की किशोरियों (बालिकाओं) को उनके स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जागरूक और सजग बनाना।
2.मासिक धर्म स्वच्छता (Menstrual Hygiene): छात्राओं को सुरक्षित और स्वच्छ साधन अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना ताकि वे बीमारियों से बच सकें।
3.स्कूल में उपस्थिति बढ़ाना: स्वच्छता साधनों के अभाव में अक्सर छात्राएं उन दिनों स्कूल नहीं जा पातीं, इस समस्या को दूर कर उनकी पढ़ाई को निरंतर बनाए रखना।
इस योजना के तहत मिलने वाला लाभ (Benefits)
सेनेटरी नैपकीन के लिए राशि: इस योजना के अंतर्गत पात्र छात्राओं को सेनेटरी नैपकीन खरीदने के लिए ₹300 प्रति वर्ष की आर्थिक सहायता दी जाती है।
सीधे बैंक खाते में पैसा: यह राशि भी पूरी तरह पारदर्शी तरीके से सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में डी.बी.टी. (Direct Benefit Transfer – DBT) के माध्यम से भेजी जाती है।
पात्रता और मानदंड (Eligibility Criteria)
मुख्यमंत्री किशोरी स्वास्थ्य कार्यक्रम योजना का लाभ लेने के लिए निम्नलिखित योग्यताएं होनी चाहिए:
लिंग: यह योजना केवल छात्राओं (बालिकाओं) के लिए है।
स्कूल का प्रकार: छात्रा का बिहार के सरकारी स्कूलों में नामांकित होना अनिवार्य है।
कक्षा: इस योजना का लाभ कक्षा 7वीं से लेकर कक्षा 12वीं (Class 7 to 12) तक अध्ययनरत छात्राओं को दिया जाता है।
आवेदन और लाभ लेने की प्रक्रिया
इस योजना के लिए छात्राओं को किसी भी बाहरी कार्यालय या कैफे में जाकर ऑनलाइन आवेदन करने की जरूरत नहीं होती:
•स्कूल स्तर पर ही कक्षा 7वीं से 12वीं तक की पात्र छात्राओं का डाटा (Data) तैयार किया जाता है।
•छात्राओं के बैंक खाते की जानकारी मेधासॉफ्ट (Medhasoft) पोर्टल पर दर्ज की जाती है।
•विस्तृत जानकारी एवं योजना का लाभ लेने के लिए छात्राएं या उनके अभिभावक अपने विद्यालय के प्रधानाध्यापक (Headmaster) से संपर्क कर सकते हैं।
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निष्कर्ष
बिहार सरकार द्वारा चलाई जा रही मुख्यमंत्री बालक/बालिका छात्रवृत्ति योजना, प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना तथा बिहार शताब्दी मुख्यमंत्री बालिका पोशाक योजना राज्य के विद्यार्थियों, विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के लिए बेहद महत्वपूर्ण पहल हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता प्रदान करना ही नहीं, बल्कि बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय आने, पढ़ाई जारी रखने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करना भी है।
हाल के निर्णयों के अनुसार छात्रवृत्ति राशि में बढ़ोतरी कर कक्षा 1 से 10 तक के विद्यार्थियों को पहले की तुलना में अधिक आर्थिक सहायता देने का प्रावधान किया गया है। वहीं, प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को डीबीटी (DBT) के माध्यम से छात्रवृत्ति राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाएगी। दूसरी ओर, बिहार शताब्दी मुख्यमंत्री बालिका पोशाक योजना के माध्यम से कक्षा 9 से 12 तक की छात्राओं को विद्यालयी पोशाक के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे बालिका शिक्षा को नई मजबूती मिल रही है।
इन सभी योजनाओं का साझा उद्देश्य शिक्षा को अधिक सुलभ बनाना, विद्यालयों में नामांकन एवं उपस्थिति बढ़ाना, ड्रॉपआउट दर को कम करना और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को बेहतर भविष्य के लिए आवश्यक सहयोग प्रदान करना है। यदि इन योजनाओं का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन होता है, तो निश्चित रूप से बिहार के लाखों विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा और राज्य में शिक्षा के स्तर को नई दिशा मिलेगी। विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे समय-समय पर शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट तथा अपने विद्यालय से योजना संबंधी नवीनतम जानकारी प्राप्त करते रहें।
FAQs
1. बिहार मुख्यमंत्री बालक/बालिका छात्रवृत्ति योजना क्या है?
यह बिहार सरकार की एक योजना है, जिसके तहत सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता के रूप में छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है।
2. प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना का लाभ किन विद्यार्थियों को मिलेगा?
इस योजना का लाभ सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा 1 से 8 तक के पात्र विद्यार्थियों को मिलेगा।
3. नई छात्रवृत्ति राशि कितनी निर्धारित की गई है?
नई प्रस्तावित छात्रवृत्ति राशि इस प्रकार है—
कक्षा 1 से 4 : ₹1,200 प्रति वर्ष
कक्षा 5 से 6 : ₹2,400 प्रति वर्ष
कक्षा 7 से 8 : ₹3,600 प्रति वर्ष
कक्षा 9 से 10 : ₹3,600 प्रति वर्ष
4. बिहार शताब्दी मुख्यमंत्री बालिका पोशाक योजना क्या है?
यह बिहार सरकार की योजना है, जिसके तहत सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाली कक्षा 9 से 12 की छात्राओं को विद्यालयी पोशाक (यूनिफॉर्म) खरीदने के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है।
5. बालिका पोशाक योजना के तहत कितनी राशि मिलती है?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस योजना के तहत पात्र छात्राओं को ₹1,500 प्रति वर्ष पोशाक सहायता राशि प्रदान की जाती है।
6. छात्रवृत्ति और पोशाक योजना की राशि कैसे मिलेगी?
दोनों योजनाओं की राशि डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे विद्यार्थियों या छात्राओं के बैंक खाते में भेजी जाएगी।
7. इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इन योजनाओं का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना, विद्यालयों में नामांकन एवं उपस्थिति बढ़ाना तथा ड्रॉपआउट दर को कम करना है।
8. क्या इन योजनाओं का लाभ सभी विद्यार्थियों को मिलेगा?
इन योजनाओं का लाभ केवल बिहार सरकार द्वारा निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करने वाले सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को मिलेगा।
9. छात्रवृत्ति प्राप्त करने के लिए क्या बैंक खाता होना आवश्यक है?
हाँ। डीबीटी के माध्यम से राशि प्राप्त करने के लिए विद्यार्थी या छात्रा का आधार से लिंक सक्रिय बैंक खाता होना आवश्यक है।
10. योजना से जुड़ी नवीनतम जानकारी कहाँ से प्राप्त करें?
योजना से संबंधित नवीनतम जानकारी के लिए अपने विद्यालय, संबंधित जिला शिक्षा कार्यालय या बिहार शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट एवं आधिकारिक सूचना का पालन करें।
11. मुख्यमंत्री किशोरी स्वास्थ्य कार्यक्रम योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूल की छात्राओं को स्वास्थ्य और मासिक धर्म स्वच्छता (Menstrual Hygiene) के प्रति सजग व जागरूक करना है।
12.इस योजना के तहत सेनेटरी नैपकीन के लिए कितनी राशि मिलती है?
इस योजना के अंतर्गत पात्र छात्राओं को सेनेटरी नैपकीन खरीदने के लिए ₹300 प्रति वर्ष दिए जाते हैं।
13.यह योजना किस कक्षा की छात्राओं के लिए पात्र है?
यह योजना बिहार के सरकारी स्कूलों में कक्षा 7वीं से लेकर कक्षा 12वीं तक पढ़ाई कर रही सभी छात्राओं के लिए है।
14.योजना का लाभ न मिलने पर कहाँ संपर्क करना चाहिए?
यदि किसी छात्रा को इस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है, तो उन्हें तुरंत अपने विद्यालय के प्रधानाध्यापक (Headmaster) से संपर्क करना चाहिए और अपना बैंक खाता व आधार डिटेल्स चेक करवानी चाहिए।
15.मुख्यमंत्री बालक/बालिका साइकिल योजना का लाभ किस कक्षा के छात्रों को मिलता है?
इस योजना का लाभ केवल बिहार के सरकारी स्कूलों में कक्षा 9वीं (Class 9th) में पढ़ रहे छात्र और छात्राओं को मिलता है।
16.साइकिल खरीदने के लिए सरकार द्वारा कितनी राशि दी जाती है?
इस योजना के तहत साइकिल खरीदने के लिए लाभार्थियों को ₹3,000 की आर्थिक सहायता राशि दी जाती है।
17.क्या इस योजना का पैसा नकद (Cash) मिलता है?
नहीं, योजना की राशि किसी को नकद नहीं दी जाती। यह पैसा सीधे छात्र/छात्रा के बैंक खाते में डी.बी.टी. (DBT) के माध्यम से ट्रांसफर किया जाता है।
18.इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
इसके लिए छात्रों को अलग से कोई ऑनलाइन आवेदन करने की ज़रूरत नहीं होती। स्कूल के प्रधानाध्यापक (Headmaster) खुद पात्र छात्रों का डाटा मेधासॉफ्ट (Medhasoft) पोर्टल पर अपलोड करते हैं।
